| विघ्नेश्वराय | விக்⁴னேஶ்வராய |
| विघ्नकर्त्रे | விக்⁴னகர்த்ரே |
| विघ्नहर्त्रे | விக்⁴னஹர்த்ரே |
| विघ्नेशविधिमार्ताण्डचन्द्रेन्द्रोपेन्द्र वन्दिताय | விக்⁴னேஶ விதி⁴ மார்தாண்ட³ சந்த்³ரேந்த்³ரோபேந்த்³ர வந்தி³தாய |
| विघ्नेश्वरवरप्रदाय | விக்⁴னேஶ்வர வரப்ரதா³ய |
| विघ्नराजाय | விக்⁴னராஜாய |
| विघ्ननाशकाय | விக்⁴னநாஶகாய |
| वञ्चर्मांबरधराय | வஞ்சர்மாம்ப³ரத⁴ராய |
| वञ्चकाय | வஞ்சகாய |
| वञ्चते | வஞ்சதே |
| वाचालकाय | வாசாலகாய |
| वाचासिद्धाय | வாசாஸித்³தா⁴ய |
| वाचस्पतिसमार्चिताय | வாசஸ்பதிஸமார்சிதாய |
| वाचस्पतये | வாசஸ்பதயே |
| वाचस्पत्याय | வாசஸ்பத்யாய |
| वाचातीतमनोतीतमहिताय | வாசாதீத மனோதீத மஹிதாய |
| वाचामगोचराय | வாசாமகோ³சராய |
| वाचस्पत्यप्रदायकाय | வாசஸ்பத்ய ப்ரதா³யகாய |
| वाचां मनसोतिऽदूरकाय | வாசாம்ʼ மனஸோதி(அ)தூ³ரகாய |
| वाच्यवाचकरूपाय नमः – ६८६० | வாச்யவாசகரூபாய நம: – 6860 |
| वाच्यवाचकशक्त्यर्थाय | வாச்யவாசகஶக்த்யர்தா²ய |
| वाङ्मनोतीतवैभवाय | வாங்மனோதீத வைப⁴வாய |
| वाङ्मयैकनिधये | வாங்மயைக நித⁴யே |
| विचक्षणाय | விசக்ஷணாய |
| विचारविदे | விசாரவிதே³ |
| विचित्रमायिने | விசித்ரமாயினே |
| विचित्रचरिताय | விசித்ரசரிதாய |
| विचित्रमाल्यवसनाय | விசித்ரமால்யவஸனாய |
| विचित्रताण्डवप्रियाय | விசித்ரதாண்ட³வப்ரியாய |
| विचित्राय | விசித்ராய |
| विचिन्वत्केभ्यो | விசின்வத்கேப்⁴யோ |
| विचित्रगतये | விசித்ரக³தயே |
| विचित्रवेषाय | விசித்ரவேஷாய |
| विचित्रशक्तये | விசித்ரஶக்தயே |
| विचित्राभरणाय | விசித்ராப⁴ரணாய |
| विचित्रमणिमूर्ध्ने | விசித்ரமணிமூர்த்⁴னே |
| वाञ्छानुकलितानेकस्वरूपाय | வாஞ்சா²னுகலிதானேகஸ்வரூபாய |
| वाञ्छितार्थप्रदायिने | வாஞ்சி²தார்த² ப்ரதா³யினே |
| वाञ्छितदानधुरीणाय | வாஞ்சி²த தா³ன து⁴ரீணாய |
| वाञ्छितदायकाय नमः – ६८८० | வாஞ்சி²த தா³யகாய நம: – 6880 |
Tuesday, August 26, 2014
ஶிவம் - 6841_6880
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